दूसरे जिले में जुआ खिलाने ठेका लेता है क्राइम ब्रांच का आरक्षक..!
पुलिस अफसर को देने शहर के चर्चित जुआरी से वसूले 8 लाख रुपए, ..!अब पैसे लौटाने चक्कर काट रहा जुआ ठेकेदार .!

बिलासपुर।बिलासपुर का चर्चित आरक्षक अब दूसरे जिले में भी जुआ खिलाने के लिए ठेका ले रहा है। ताजा मामला मुंगेली जिले का है। उसने पुलिस के बड़े अफसर के नाम पर शहर के बहुचर्चित जुआ ठेकेदार से 8 लाख रुपए वसूली कर लिया। लेकिन, एक सप्ताह के भीतर ही जुआ बंद हो गया। ऐसे में अब जुआ ठेकेदार पैसे वापस करने के लिए चक्कर काट रहा है।
शहर में कानून व्यवस्था क्यों खराब है और अफसर मौन क्यों हैं इसके कई उदाहरण देखने को मिल जाएंगे। जब रक्षक ही भक्षक बन जाए और अवैध कारोबार में हाथ बंटाने लगे, तो जिले की पुलिस पर कौन भरोसा करेगा। कुछ ऐसा ही बिलासपुर जिले में भी चल रहा है। पुलिस अफसरों का चहेता आरक्षक अपनी सीमा को लांघ कर मनमानी वसूली पर उतर आया है। अफसर हैं कि उनके कारनामों पर परदा डालने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।
पहले भी हो चुका है बर्खास्त
चर्चित आरक्षक करीब दस साल पहले भी क्राइम ब्रांच में पदस्थ रहा। उस समय भी उसके खिलाफ अवैध वसूली के कई शिकायत मिले। तब हाईकोर्ट के आदेश पर उसके खिलाफ जांच हुई, जिसमें आरोप सही साबित होने पर आरक्षक को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। लंबे समय तक बर्खास्त रहने के बाद दोबारा विभाग में वापसी हुई। विभाग में दोबारा वापस आने के बाद अब फिर से अवैध उगाही का खेल शुरू हो गया है।
बिलासपुर ही नहीं दूसरे जिले में जुआ चलाने ले लिया ठेका
हद तो तब हो गई, जब वह पुलिस के बड़े अफसर के नाम पर मुंगेली जिले में जुआ चलाने का ठेका ले लिया और उसने आठ लाख रुपए एडवांस भी वसूल कर लिया। हैरानी की बात यह है कि जुए के इस फड़ की जानकारी जिले के एसपी तो क्या थानेदार और स्टॉफ को भी नहीं थी। जैसे-तैसे एक सप्ताह तक जुआ चला। जब जुए की जानकारी थानेदार को हुई, तब उन्होंने एसपी तक बात पहुंचा दी। ऐसे में शहर के जुए ठेकेदार को एक सप्ताह में ही पवेलियन वापस होना पड़ा। हालांकि, आरक्षक ने उसे लौटा दिया है। बाकी की रकम के लिए ठेकेदार उसका चक्कर काट रहा है। शहर में आरक्षक के इस कारनामे की जमकर चर्चा हो रही है।
सबका पैसा डकार दिया आरक्षक
बताया जा रहा है कि आरक्षक ने 8 लाख 10 हजार रुपए एडवांस लिया था। उसने थानेदार और पुलिस अफसरों की जानकारी के बिना ही जुआ बैठा दिया। इसके लिए उसने एसपी, एडिशनल एसपी सहित अन्य अफसरों के नाम से रुपए वसूली कर लिया। जब जुआ बंद कराया गया, तब उसने चार लाख रुपए लौटा दिया। वहीं, एक सप्ताह जुआ खिलाने के नाम पर दो लाख रुपए अलग काट लिया। बाकी के रुपए के लिए अब जुआ ठेकेदार को घूमा रहा है।
ठेकेदार को दे रहा धमकी
अब जब मामला उजागर हो गया है और आरक्षक के कारनामों की जानकारी पुलिस अफसरों तक पहुंच गई है। ऐसे में वह जुआ ठेकेदार को मामला दबाने के लिए धमकी दे रहा है। साथ ही उसे बाकी के रकम वापस करने का भरोसा दिला रहा है।