


डेस्क खबर बिलासपुर ../ जिले की धार्मिक नगरी रतनपुर में लीज खत्म होने के बाद भी अवैध रूप से कोल डिपो संचालित कर कोयले में अफरा तफरी करने वाले कोयला चोर आकाश सिंघल सहित चार आरोपियों को मस्तूरी पुलिस ने पकड़ने में सफलता हासिल की है । मस्तूरी पुलिस की बड़ी कार्रवाई में कोयले की अफरा-तफरी के मामले में कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल समेत चार आरोपी जेल पहुंच गए हैं। आरोप है कि गेवरा माइंस से निकलने वाले उच्च गुणवत्ता के G-11 कोयले को रास्ते में उतारकर उसमें घटिया और गिट्टी मिश्रित कोयला मिलाकर उद्योगों को सप्लाई किया जाता था। इस खेल से लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का मुनाफा कमाया जा रहा था।
जानकारी के अनुसार रतनपुर थाना क्षेत्र के लिम्हा टोल प्लाजा के पास स्थित कश्यप कोल डिपो की लीज काफी पहले समाप्त हो चुकी थी।

इसके बावजूद कथित तौर पर आकाश सिंघल द्वारा डिपो को किराये पर लेकर कोयले का कारोबार संचालित किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि डिपो का लाइसेंस जागेंद्र कश्यप के नाम पर था, जिनकी पत्नी जिला पंचायत सदस्य हैं। गौरतलब है कि लीज खत्म होने के बाद अवैध रूप से चल रहे इस कोल डिपो को खनिज विभाग द्वारा सील कर दिया गया था लेकिन अपने रसूख और विभागीय संरक्षण में भी आकाश सिंघल द्वारा अवैध रूप से बेखौफ होकर कश्यप कोल डिपो में जमकर कोयले की अफरा तफरी की जा रही थी।

खनिज विभाग के संज्ञान में मामला होने के बाद भी विभाग कार्यवाही नहीं कर रहा था। सील डिपो में दोबारा गतिविधियां जिम्मेदार अधिकारियों ने आंखें मूंद लीं थी मस्तूरी पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार डिपो संचालक समेत कई अन्य आरोपियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है लेकिन गिरफ्तारी के डर से कुछ आरोपी फरार हो गए है पुलिस डिपो संचालक सहित सभी फरार आरोपियों की तलाश में सरगर्मी से जुटी हुई है । मामले में कोल डिपो संचालक आकाश सिंघल, चालक जयकांत यादव तथा वाहन स्वामी सुनीत यादव और सूरज सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान तीन ट्रेलर, एक रोलर मशीन और करीब 30 टन कोयला भी जब्त किया है।