चर्चित करही गोलीकांड में पुलिस को मिली बड़ी सफलता , शूटर सहित 3 आरोपी गिरफ्तार
7 राज्यों तक फैला ऑपरेशन… बिलासपुर कोरबा , जांजगीर पुलिस की मदद से रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग का आपरेशन हंट हुआ सफल ..

डेस्क खबर जांजग./प्रदेशभर में सनसनी फैलाने वाले चर्चित करही गोलीकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए बड़ा खुलासा किया है। बिलासपुर रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग की सख्त मॉनिटरिंग और हाईटेक रणनीति के तहत चलाए गए ऑपरेशन हंट”में पुलिस ने शूटर सहित 3 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि इस खूनी साजिश का मास्टरमाइंड अब भी फरार है, जिसकी तलाश में पुलिस लगातार दबिश दे रही है। इस हत्या की गुत्थी को सुलझाने के लिए आईजी के निर्देश पर बिलासपुर ,जांजगीर और कोरबा जिले की पुलिस टीम ने संयुक्त रूप से करीब एक महीने चले आपरेशन को सफल करके दिखाया। पूछताछ में सुपारी किलिंग की बात सामने आई है ।

23-24 अप्रैल की दरम्यानी रात ग्राम करही में हुई इस खौफनाक वारदात ने पूरे इलाके को दहला दिया था। नकाबपोश बदमाश आधी रात घर में घुसे और आयुष कश्यप को गोलियों से छलनी कर मौत के घाट उतार दिया, जबकि उसके छोटे भाई को गंभीर रूप से घायल कर फरार हो गए। वारदात के बाद पूरे जिले में दहशत फैल गई थी और पुलिस पर जल्द खुलासे का भारी दबाव था।

मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंज आईजी रामगोपाल गर्ग ने खुद कमान संभाली और पुलिस अधीक्षक विजय पांडे काबिल पुलिस जवानों के साथ विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। इसके बाद शुरू हुआ ऑपरेशन हंट … ऐसा ऑपरेशन जिसने आरोपियों की पूरी चेन को हिला कर रख दिया।

करीब एक महीने तक चली इस कार्रवाई में पुलिस टीमों ने 7 राज्यों में दबिश दी, 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले और साइबर सर्विलांस के जरिए आरोपियों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें गुजरात से धर दबोचा। कड़ी पुलिस पूछताछ में सामने आया कि उधारी विवाद, बढ़ता दबदबा और व्यवसायिक प्रतिस्पर्धा इस हत्याकांड की बड़ी वजह बने।
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से पिस्टल, मैगजीन और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद की है। जांच के दौरान एक और सनसनीखेज खुलासा हुआ कि वर्ष 2023 में मृतक के पिता सम्मेलाल कश्यप की हत्या के लिए भी 7 लाख रुपये की सुपारी दिए जाने की साजिश रची गई थी।

हालांकि मृतक परिवार अब भी पुलिस से पूरे नेटवर्क का खुलासा करने की मांग कर रहा है। मृतक के पिता सम्मेलाल कश्यप का कहना है कि असल साजिशकर्ता अभी भी बाहर घूम रहे हैं। पूरा न्याय तभी मिलेगा जब पूरे षड्यंत्र में शामिल सभी लोगों की गिरफ्तारी होगी।”
प्रदेशभर में अब रेंज आईजी की सटीक पुलिसिया कार्यशैली और ऑपरेशन हंट की चर्चा हो रही है। पुलिस महकमे में माना जा रहा है कि उनकी सख्त निगरानी, तकनीकी जांच और लगातार मॉनिटरिंग के चलते ही इतने कम समय में इस हाईप्रोफाइल गोलीकांड की परतें खुल सकीं।

इधर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फरार मास्टरमाइंड और अन्य आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस का दावा है कि आने वाले दिनों में इस केस में और बड़े खुलासे हो सकते हैं। फिलहाल शुरुआती पूछताछ में सुपारी किलिंग की बातें भी आरोपियों ने कबूली है ।