

डेस्क खबर बिलासपुर./ जिले के तखतपुर क्षेत्र में कथा कहने के दौरान सतनामी समाज के खिलाफ कथित आपत्तिजनक बयान देने के आरोप में गिरफ्तार चैतन्य आशुतोष महाराज को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। अपर सत्र न्यायाधीश (ऐट्रोसिटी) लवकेश बघेल की अदालत में मामले की सुनवाई हुई, जहां पुलिस ने गैर-जमानती धाराओं का उल्लेख करते हुए रिमांड की मांग की। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने और दस्तावेजों का अवलोकन करने के बाद महाराज को जेल भेजने का आदेश दिया। दरअसल, तखतपुर थाना क्षेत्र में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान चैतन्य आशुतोष द्वारा सतनामी समाज के प्रति कथित आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने का आरोप लगा था। इस बयान के तुरंत बाद समाज में भारी नाराजगी फैल गई। आक्रोशित लोगों ने थाने पहुँचकर कड़ी कार्रवाई की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने तत्काल गैर-जमानती धाराओं के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई की।
जिला कोर्ट में पेशी के दौरान हुआ बवाल
महाराज को जब जिला कोर्ट में पेश किया गया, तभी समर्थक और विरोधी पक्ष आमने-सामने आ गए। पहले बहसबाजी हुई, फिर विवाद इतना बढ़ा कि दोनों ओर से जमकर मारपीट और गाली गलौज तक हुई । कुछ लोगों ने तो गुस्से में जिला कोर्ट का मुख्य गेट बंद करने तक का प्रयास किया, जिससे अंदर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई। गेट बंद होते ही माहौल और उग्र होने लगा, लेकिन मौके पर तैनात पुलिस और सुरक्षा कर्मियों ने समय पर हस्तक्षेप करते हुए किसी तरह भीड़ को नियंत्रित किया।
इस दौरान कई लोगों को हल्की चोट लगी है। कोर्ट परिसर के सीसीटीवी फुटेज जब्त कर मारपीट में शामिल लोगों की पहचान की मांग भी की जा रही है वही पूरे मामले में कोर्ट परिसर के अंदर हुई मारपीट और गाली गलौज की घटना से वकीलों में भी आक्रोश देखा गया है और उन्होंने इस मामले में असामाजिक तत्वों के खिलाफ कोर्ट परिसर में की गई इस बवाल में चिन्हित लोगों की पहचान कर कार्यवाही की मांग की है । पुलिस ने साफ कहा है कि कोर्ट परिसर में मारपीट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने साथ ही लोगों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें, अफवाहों पर ध्यान न दें और कानून-व्यवस्था में सहयोग करें।