अनोखा चोर : HIV संक्रमित होने पर भगवान को दोषी मानकर करता था मंदिरों में चोरी.!! मंदिरों में चोरी करने का अनोखा अंदाज कैमरे में हुआ कैद !!

डेस्क खबर ../ दुर्ग पुलिस ने मंदिरों में लगातार हो रही चोरी की वारदातों का पर्दाफाश करते हुए एक ऐसे आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने बीते 10 वर्षों में 30 से अधिक मंदिरों को निशाना बनाया। आरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस की पूछताछ में चौंकाने वाला खुलासा हुआ। उसने बताया कि वर्ष 2011-12 में जेल में रहने के दौरान वह एचआईवी संक्रमित हो गया था। इस संक्रमण के लिए उसने भगवान को जिम्मेदार ठहराया और उसी के बाद उसने केवल मंदिरों को ही चोरी का निशाना बनाना शुरू कर दिया।आरोपी का तरीका भी बेहद अलग था। चोरी करने से पहले वह मंदिर में प्रवेश कर भगवान को प्रणाम करता था और दानपेटी तोड़ने के बाद नकदी निकालकर हाथ जोड़कर वहां से निकल जाता था। उसने स्पष्ट किया कि उसे केवल नगदी की जरूरत होती थी, इसलिए वह दानपेटी को ही तोड़ता था और अन्य बहुमूल्य वस्तुओं को हाथ नहीं लगाता था।
पुलिस के अनुसार बीते एक दशक में आरोपी ने दुर्ग-भिलाई क्षेत्र के कई प्रमुख मंदिरों में चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। लगातार हो रही वारदातों से मंदिर प्रबंधन और स्थानीय लोग भी चिंतित थे। हाल ही में पुलिस ने गश्त और तकनीकी जांच बढ़ाई, जिसके बाद आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

फिलहाल आरोपी को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य संभावित वारदातों की जांच भी कर रही है। इस मामले ने लोगों के बीच चर्चा का विषय बना दिया है कि धार्मिक आस्था को दोषी मानकर किसी भी तरह का अपराध करना किसी भी स्थिति में उचित नहीं ठहराया जा सकता।

