

डेस्क खबर दुर्ग। पुलिस विभाग की छवि को धक्का पहुंचाने वाला मामला सामने आया है। भिलाई-3 थाने में पदस्थ आरक्षक विजय धुरंधर और डायल 112 के चालक अनिल टंडन को गांजा तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम की धारा के तहत मामला दर्ज किया है।
दुर्ग पुलिस ने पुरैना इलाके में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग के दौरान एक एक्सयूवी कार को रोका, जिसमें दो बोरियों में 18.792 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया। जब्त किए गए गांजे की कीमत 1,11,500 रुपये आंकी गई। इस दौरान धीरेन्द्र शर्मा और युवराज मेहता को गिरफ्तार किया गया।

आरक्षक पर क्यों लगे आरोप?
जांच में खुलासा हुआ कि जब धीरेन्द्र और युवराज को पकड़ा गया, तब उनके पास तीन बोरियों में गांजा था। लेकिन बरामदगी रिपोर्ट में केवल दो बोरियों का जिक्र किया गया। गहन पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि तीसरी बोरी आरक्षक विजय धुरंधर ने अपने पास रख ली थी, जिसमें डायल 112 का चालक अनिल टंडन उसकी मदद कर रहा था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने दोनों को हिरासत में लिया और सख्त पूछताछ की। अंततः उन्होंने अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली। एसपी जितेंद्र शुक्ला ने कहा कि मामले की जांच जारी है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।