

डेस्क खबर रायपुर./ महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले से एक व्यापारी द्वारा रायपुर में 70 लाख रुपये की नकदी के साथ पकड़े जाने के बाद अब एक नया विवाद सामने आया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, रायपुर के स्थानीय सराफा व्यापारियों ने इस मामले को रफा-दफा करने के नाम पर व्यापारी से 11 लाख रुपये की उगाही की है, जिसे लेकर छत्तीसगढ़ और नांदेड़ के व्यापारियों के बीच तीव्र विवाद उत्पन्न हो गया है। उगाही के इस इस मामले मे दो सराफा व्यापारियों की भूमिका संदिग्ध बताई जा रही है।
घटना के अनुसार, नांदेड़ का व्यापारी दिवाली के लिए खरीदी करने रायपुर आया था। 11 नवंबर को वह आईएसबीटी बस टर्मिनल के पास था, जब रायपुर पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर तलाशी ली और 70 लाख रुपये नकद बरामद किए। इसके बाद व्यापारी को पुलिस थाने ले जाया गया, जहां दो प्रभावशाली सराफा व्यापारी पहुंचे। इन व्यापारियों पर आरोप लगा है कि मामले को सुलझाने के लिए उन्होंने व्यापारी से 15 लाख रुपये की रकम मांगी, जिससे वह डरकर राशि देने को तैयार हो गया। कुछ समय बाद, यह रकम घटकर 11 लाख रुपये पर आ गई, और व्यापारी को 4 लाख रुपये वापस कर दिए गए।
महाराष्टृ के नांदेड़ लौटने पर, व्यापारी ने यह पूरी घटना अपने स्थानीय सराफा संघ को बताई। संघ ने इस मामले को छत्तीसगढ़ सराफा संघ के समक्ष रखा, जहां जांच के बाद घटना की पुष्टि हुई। छत्तीसगढ़ सराफा संघ ने रायपुर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से संपर्क किया और मामले में त्वरित कार्रवाई की मांग की।
पुलिस अधिकारियों ने जांच के दौरान 70 लाख रुपये की नकदी की जब्ती को स्वीकार किया, लेकिन उगाही के आरोप से इनकार किया। हालांकि, सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने व्यापारियों के दबाव में आकर उक्त नकदी को वैध करार दिया।
अब इस मामले में छत्तीसगढ़ सराफा संघ ने रायपुर सराफा व्यापारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संघ ने एफआईआर दर्ज कराने की भी बात कही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, उगाही के आरोप में शामिल एक व्यापारी ने अपराध की बात स्वीकार कर ली है और जल्द ही इस मामले में एफआईआर दर्ज किए जाने की संभावना है।
यह घटना सराफा बाजार में हलचल मचा चुकी है और व्यापारी वर्ग में तनाव का माहौल बना हुआ है।