उलझा है तखतपुर का गणित । मतदान के बाद माथापच्ची में लगे हैं अनुमानकर्ता । bjp-cong के सीधे मुकाबले में फिफ्टी-फिफ्टी ने बिगाड़ा है खेल ।

वरिष्ठ पत्रकार दिलीप तोलानी जी की कलम से
बिलासपुर । विधानसभा चुनाव को लेकर लोगों में अनेक तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है। जनसंपर्क अभियान के बाद अंतिम दिवस के घमासान के बाद चुनाव की रूपरेखा और गणना अकल्पनीय और अविश्वसनीय सी हो गई है कि इस चुनाव में जीत किसकी होगी यह अभी कहना कठिन है । ताम-झाम से लड़े गए हाई प्रोफाइल सीट से तखतपुर का परिणाम अपने अनुरूप करने के लिए जनप्रतिनिधियों की गुणा गणित की दौड़ शुरुआत के प्रचार प्रसार को किनारे करते हुए परिवर्तन लाने वाले 30% वोटो पर निर्भर हो गई जिनके लिए तिजोरी खोलकर सौदा किया गया ।
शाम से देर रात तक और सुबह तक चले इस लेन देन से वोटो का गणित कितना बनता बिगड़ता है या तो समय बताएगा लेकिन अटकलें के दौर में तखतपुर नगर ,सकरी नगर को छोड़कर ग्रामीण इलाके की वोटिंग का मिजाज बताता है कि क्षेत्र का विधायक कौन बनेगा ।

लोकतंत्र के सही मायने में अब सही चुनाव करना संभव नहीं है।
विगत चुनाव से लेकर अब तक वोटो की लगने वाली बोली में इस बार भी बोली बहुत महंगी गई निष्पक्ष स्वतंत्र और नैतिकता का आलाप करने वाले सरकारी तंत्र कितना लाभ होगा यह निश्चित नहीं है । लेकिन नोटों की गड्डियों पर वोट की छाप पड़ गई और परिणाम किसी और के पक्ष में आएगा इसकी गणना रहनी बाकी रह गई है ।
