यहां पहरेदार ही बन बैठे शिकारी…!!कर डाला बाघ के खाल का सौदा!जंगल विभाग अब खोज रहा है पहरेदार को…. किसका का है कारनामा… ???

बस्तर/ प्रकृति का स्वर्ग कहलाने वाले बस्तर को प्रकृति खूबसूरती के साथ जंगली जीव जंतुओं को पनाह भी दी है…. आज भी बस्तर के कई इलाकों में तरह तरह के पशु पक्षियों का विचरण दिखाई दे जाता है तो वही जंगली जानवरों की गूंज भी सुनाई दे जाती है… ये अलग बात है कि 70 और 80 के दशक में बस्तर के जंगलों को शिकारियों की ऐसी नजर लगी कि बाघ और चीतो की धमक शिकारियों की वजह से खामोश हो गई…. उसके बाद लाल आतंक के चलते बस्तर की खुसूरती तीन दशकों से भी ज्यादा समय से गायब रही…. अब जब ये खुशहाली जंगल की लौट रही है तो जिन हाथों को बस्तर की पहरेदारी सौपी गई अब वे ही शिकारियों से मिलकर वन्य पशुओं की खाल के सौदागर बन बैठे है…. जी हां चौकिए मत क्योंकि जंगल विभाग भी खुद सकते में है…

दरअसल बस्तर में माओवादीयों से लड़ने औऱ ईलाके के ग्रामीणों शांति के औऱ निर्भीक होकर रहने के लिए सी आर पी एफ के बलो को भी तैनात किया गया. ताकि बस्तर को नक्सल मुक्त बनाया जा सके… लेकिन एक अफसर ने अपने पद की गरिमा को तार-तार करते हुए अन्य अफसरों पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं इंद्रवती टायगर फारेस्ट के डी एफ ओ नें प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि शिकारियों से बाघ की खाल वाले मामले में 13 लोगो को गिरफ्तार किया गया है जिसमे औऱ भी लोगो के नाम सामने आए है सी आर पी एफ के एक जवान का नाम भी सामने आया है लेकिन वे अभी कब्जे में नहीं आये बहुत जल्दी उन्हें भी गिरफ्तार किया जायेगा कार्यवही की प्रकिया जारी हैं…. शिकारियों के पकड़े जाने पर ये भेद खुला जबकि जवान अभी फरार है हम आपको बतादे की बस्तर संभाग के जंगल के एक बड़े हिस्से में इंद्रावती टाइगर रिजर्व है, जिसकी बड़ी सीमा महाराष्ट्र से लगती है. शिकारियों को इससे शिकार करने और भागने में आसानी होती है. यही वजह है कि बाघों के शिकार की शिकायतें अक्सर सामने आती हैं और कई बार पकड़े भी जाते हैं. इन वन अपराधियों का काम ही गैरकानूनी तरीके से वन्यजीवों का शिकार करना है. लेकिन, इस बार सीआरपीएफ के एक जवान का नाम भी इन शिकारियों से सौदा करने वाले के रूप में जुड़ गया है. वह भी सीधे बाघ की खाल का सौदा!! बताया जा रहा है कि बीजापुर जिले के नेमेड में स्थित सी आर पी एफ कैंप में पदस्थ जवान अमित झा की इस मामले में संलिप्तता है… वन विभाग के द्वारा जवान को पूछताछ के लिए बुलाया गया है…
चीफ एडिटर -दिलीप अग्रवाल
एडिटर-विनोद कुशवाहा