छत्तीसगढ़

आईएएस अफसर की वसूली से व्यापारी हुए परेशान,बंगले को बनाया अवैध वसूली सेंटर…

वसूली की मोटी रकम के साथ साहब को चाहिए विलायती शराब…

रायपुर।छत्तीसगढ़ की राजधानी में आज कल एक आईएएस की चर्चा खूब जोरो पर है।इस आईएएस को लेकर सरकार भी अब थोड़ा चिंतित नजर आने लगी है।भूपेश सरकार आगामी चुनाव को लेकर अपनी पूरी तैयारी में नजर आ रही है वही इस अफसर की कार्यप्रणाली सरकार की अच्छी इमेज का पलीता लगाने का काम करने में लगी हुई है।वैसे इस आईएएस की इमेज को लेकर कुछ सीनियर आईएएस भी सरकार को चेताये भी है।इससे आप बचकर ही रहे,पर इसने तो जहाँ शायद कसम खा लिया है कि मैं केवल माल समेटने ही आया हु।ये महाशय जहाँ भी पदस्थ रहे है इनके बहुत से कारनामे है।वैसे इस अफसर ने शायद तीन से चार जिलों की कलेक्टरी भी की हुई है।रमन सरकार में भी अच्छी मलाई इन्होंने चखी थी,इस सरकार में भी बड़े जिले की कमान सम्हाल चुके है।बड़े जिले में भी इनकी चर्चाएं लूटपाट की खूब होती थी।आदिवासी जमीनों की अनुमति इस आईएएस ने खूब बांटी और इसकी आड़ में अच्छी मोटी रकम की वसूली भी खूब की है।कुछ लोगो का कहना है कि इनकी अगर सरकार जांच करवाएं तो ये अफ़सर कई करोड़ो की संपत्ति का मालिक निकलेगा।

साहब को शासकीय शरबत (शराब) के साथ ही मांसाहारी खाने का बहुत शौक है।सिंपल कपडे पहनकर अपनी ईमानदारी दिखाने वाले इस अफसर की चर्चा लगभग हर जगह काफी रही है।अपने गृहग्राम के साथ ही नोयडा में इस आईएएस ने बड़े पैमाने पर इन्वेस्टमेंट किया हुआ है।आजकल साहब राजधानी में ही पदस्थ है।सरकार ने दो बड़े विभागों की जिम्मेदारी दी हुई है।दोनो विभागों में साहब की वसूली जोरो पर है।एक विभाग में तो इस आईएएस ने लूटपाट का सेंटर ही बना दिया है।व्यापारियों के साथ ही ट्रांसपोर्टरों से लंबी रकम की डिमांड पूरी होने के बाद ही काम करते है।रकम भी अच्छी खासी मोटी मांगते है।रकम के साथ ही साहब को महंगी व विलायती शराब की बोतल भी चाहिए।अपने विभाग के मंत्री की बात इनके लिए कोई मायने नही रखती है।किसी भी काम के लिए विभाग के मंत्री का अगर फोन आ भी गया तो उनकी कोई बात नही मानते है।कहते है कि मैं आईएएस हु मै केवल अपने सीनियर आईएएस की बात ही सुनूंगा।मंत्री मेरी पोस्टिंग नही करवाया है।मैंने यहाँ आने के लिए खर्च किया है।काम तो मैं अपने हिसाब से ही करूँगा।सूत्रों के अनुसार साहब का कहना है कि मैं यहाँ आने के बाद मैं अपने हिसाब से काम करूंगा।हर काम को करने के लिए इनको भेंट चाहिए अन्यथा आपका कोई भी काम नही होगा।ऐसा लगता है कि इस साहब ने सरकार का फटका लगाने का पूरा माद्दा बना लिया है।भूपेश बघेल एक तरफ सरकार की अच्छी छवि को बनाने के लिए प्रयासरत है वही इस आईएएस की लुटमलूट से सरकार का बंटाधार होना लगभग तय ही है।सुनने में यह भी आया है कि साहब को फिर से एक बार कलेक्टरी करने का मन है,उसके लिए अपने विभाग के दो लोगो से भरपूर वसूली करने को कहा गया है।अब इनके दोनो अफ़सर दिन रात व्यापारियों और ट्रांसपोर्टरों से वसूली करने में लग गए है।राजधानी में अभी कुछ समय पूर्व ईडी की कार्यवाही हुई थी जिसको लेकर यह अफसर काफी चिंतित नजर आ रहे थे।मीडिया के लोगों के साथ ही अपने विभाग के खास बाबू से गहरी मंत्रणा करते थे।इससे आप भी समझ सकते है छत्तीसगढ़ को इस अफसर ने लूटपाट का सेंटर बना लिया है।

सबसे बड़ी बात यह भी है कि साहब बाकायदा अपने बंगले में बुलाकर लोगो से वसूली की रकम ले रहे है।साहब का कहना है कि मुझे कलेक्टर बनकर जाना है ,मैं इस विभाग में केवल माल समेटने के लिए ही आया हु।कलेक्टर बनने के लिए कम से कम दो से तीन तक मुझे देना ही होगा।वो रकम मुझे इकट्ठा करनी है।तुम लोग अच्छे से वसूली करो मैं तुम्हारे साथ हु,तुम लोगो का कोई भी कुछ नही बिगाड़ सकता।इस आईएएस की मदमस्ती साफ नजर आ रही है।भूपेश सरकार को ऐसे महा भ्रष्ट अफ़सरो के ऊपर कार्यवाही करने की आवश्यकता है।पर सरकार कब इस भृष्ट अफसर की करतूत देख पाएगी?यह तो भविष्य के गर्भ में ही छुपा हुआ है।मुख्यमंत्री अपने दौरे में अफ़सरो को सख्त हिदायत देकर चेतावनी तो दे रहे है,पर अफसरों में इसका कुछ असर नजर नही आ रहा है।

error: Content is protected !!