इस गांव में मुर्दे खाते है राशन ..!
राशन दुकानों से मृतक ले जाते है राशन ?
खाद्य विभाग का चौकाने वाला खुलासा ?

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ का न्यायधानी कहे जाने वाले बिलासपुर में पिछले कई महीने से मुर्दे राशन भी ले रहे हैं और उसका उपयोग भी कर रहे हैं, दरअसल हम यह इसलिए कह रहे हैं क्योंकि छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वालों को चावल और खाद्य सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है और दुकान द्वार मृतकों के नाम पर भी आबंटन दर्शाया जा रहा है..

बिलासपुर के रतनपुर क्षेत्र में स्थित नवागांव के 200 से अधिक ग्रामवासी आज बिलासपुर कलेक्टर पहुंचे जहां उन्होंने ग्राम पंचायत में संचालित हो रही स्व सहायता समूह के द्वारा बांटे जा रहे खाद्यान्न सामग्री में घोर लापरवाही बरती जा रही है और भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है.. दरअसल नवागांव ग्राम पंचायत में लक्ष्मी स्व सहायता समूह के सेल्समैन द्वारा राशन आबंटित किया जाता है.. और पीछले कई सालों से आबंटन में भ्रष्टाचार किया जाता है.. नियम के अनुसार चावल और अन्य सामग्रियों को तौल से कम देकर ग्रामीणों के हक पर डाका डाला जाता है..
राशन आबंटन में हो रहे भ्रष्टाचार के खिलाफ कई बार ग्राम सभा का आयोजन किया गया लेकिन उचित मूल्य की शासकीय दुकान का सेल्समैन हर बार कोई ना कोई बहाना बनाकर ग्राम सभा में आने से मना कर देता था इसके अलावा परिवार में किसी भी व्यक्ति की मृत्यु पर राशन कार्ड के सामने मृतक लिख देता और उसका आबंटन बंद कर देता लेकिन ऑनलाइन पोर्टल पर आवंटन दर्शा कर मृतकों के नाम पर खुद को चावल और अन्य खाद्य सामग्री आबंटित करने का लंबे समय से सेल्समैन द्वारा किया जा रहा है..
राशन आवंटन में हो रहे भ्रष्टाचार को लेकर आज ग्राम के 200 से अधिक लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने बिलासपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए स्व सहायता समूह और उसके सेल्समैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की.. ग्रामीणों ने जानकारी देते हुए बताया कि.. राशन आवंटन में भ्रष्टाचार करने वाले सेल्समैन के खिलाफ इससे पहले भी उन्होंने खाद्य निरीक्षक को शिकायत की थी लेकिन आपसी सांठगांठ के चलते आज तक कार्रवाई नहीं हो सकी है, इसके बाद तहसील में भी मृतकों का राशन अपने नाम करने वाले दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई हुई थी जिसकी जांच तहसीलदार ने की थी जांच के दौरान मामले में शिकायत को सही पाया गया था लेकिन वह समय भी भ्रष्टाचारी दुकानदार को अभयदान दे दिया गया था बाद उसके सेल्समेन हौसले लगातार बुलंद हो रहे थे और चावल समय शक्कर और चने का भी नियम से कम आबंटन दुकानदार द्वारा किया जा रहा था जिसके बाद आज सारे गांव के ग्रामीण सरपंच समेत बिलासपुर कलेक्टर के पास पहुंचे और कार्रवाई की मांग की है..