आम जनता के बाद अब उद्योगो को लगा बिजली का झटका । प्रदेश के कई उद्योग बंद होने की कगार पर .! तालेबंदी संकट को लेकर व्यापारियों ने की मुलाकात मिला आश्वासन ।

छत्तीसगढ़ डेस्क/ प्रदेश में डबल इंजन की सरकार होने के बाद भी व्यापारियों की चिंता बढ़ गई है । सरकार द्वारा बिजली दरो में वृद्धि का असर अब आम जनता के बाद छत्तीसगढ़ में चल रहे उद्योगों में भी देखने को मिलने लगा है । व्यापारियों का कहना है कि बिजली में सर प्लस राज्य होने के बाद भी छत्तीसगढ़ में अन्य राज्यों से ज्यादा बिजली दरे अधिक है । जून महीने में जो बिजली दर 1.40 रु प्रति यूनिट थी अब वह 7.60 रु प्रति यूनिट कर दी गई है ।
जिसके चलते उद्योगों को बिजली का जबरजस्त झटका लगा है और इसके चलते प्रदेश के कई उद्योगों पर तालाबंदी का संकट गहराने लगा लगा है ।
बाजारो में स्टील की कीमत में आई भारी गिरावट और अब महंगी बिजली से त्रस्त स्टील उद्योग के व्यापारियों ने मंत्री लखन लाल देवगन से मुलाकात कर राज्य शासन से महंगी बिजली दरो से राहत दिलाने की गुहार लगाई ।
व्यापारियों का कहना है बढ़ते हुए महंगी बिजली बिल के कारण कउद्योग व्यापार चलाना मुश्किल हो गया है । क्योंकि सरकार ने 25% की बिजली बिल में बढ़ोतरी कर दी है बिजली में क्योंकि अन्य राज्य से कहीं ज्यादा है।
वही इस मामले में मंत्री लखन लाल देवांगन ने कहा कि आपकी बात कैबिनेट में रखी जाएगी चर्चा की जाएगी और मुख्यमंत्री से बात की जाएगी ताकि आपकी समस्याओं का समाधान किया जा सके ।
गौरतलब है कि कांग्रेस सरकार के सत्ता में जाने के बाद बिजली की दरो में बीजेपी सरकार ने इजाफा किया है जिसके कारण आम जनता से लेकर व्यापारी भी हालाकन है । कांग्रेस ने बिजली की बड़ी दरो को लेकर प्रदेश में धरना प्रदर्शन भी किया लेकिन नतीजा सिफर ही रहा ।
अब देखना होगा कि प्रदेश की विष्णु सरकार प्रदेश की जनता और प्रदेश में चल रहे उद्योगों को बिजली के झटके से कैसे उबार पाती है .!