रायपुर

बलौदाबाजार में बवाल पर सरकार नाराज , कलेक्टर और SP पर गिर सकती है गाज !दर्जनों पुलिसकर्मी हुए घायल। धारा 144 लागू ।मुख्यमंत्री ने की शांति बनाए रखने की अपील।

डंकाराम/छत्तीसगढ़/डेस्क /बलौदाबाजार

बलौदा बाजार शहर में धारा 144 लागू कर दी गई है। जिला प्रशासन ने बवाल के बाद आदेश जारी कर दिए है तो देर रात रायपुर से पहुंची एफ एस एल की टीम ने घटना के सबूत जुटा लिए है । 23 साल के इतिहास में हुई इस भयावह घटना के बाद सीएम विष्णुदेव साय ने शांति बनाएं रखने की अपील की है ।

छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिला कलेक्ट्रेट में सोमवार को सतनामी समाज उग्र प्रदर्शन में कुछ असमाजिक तत्वों ने बवाल करते हुए भयंकर आगजनी और तोड़फोड़ कर दी। कलेक्टर परिसर, तहसील, जिला पंचायत पार्किंग में रखी गाड़ियों से तोड़फोड़ कर आग ने पूरी बिल्डिंग चपेट में ले ली. मौके पर पहले से 2 फायर ब्रिगेड मौजूद था जिसे प्रदर्शकारियों ने पहले ही तोड़ फोड़ कर आग के हवाले कर दिया, लगभग दोपहर 2 बजे से पुलिस बेरिगेट पर प्रदर्शन करियो को पुलिस रोकने का प्रयास में लगी थी, लेकिन पुलिस बल की शंख्या कम होने की वजह से आक्रोशित लोग पुलिस से झूमा-झपटी, मारपीट कर आगे बड़े, बेरिगेट को तोदने के दौरान, शुरुवाती में ही 4 5 पुलसकर्मी घायल हो चुके थे, उसके बाद आक्रोश इतना ज्यादा था कि 35 से 40 पुलसकर्मीयो को चोट आयी हैं,, शाम 4 बजे लगभग SP ऑफिस में आग लग गई. पूरा कलेक्टर कार्यालय और जिला पंचायत को चारों तरफ से तोड़ दिया गया हैं

आपको बता दे सिटी कोतवाली थाना प्रभारी अजय झा ने 35 से 40 पुलिसकर्मियों की घायल होने की पुष्टि की हैं, एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल है जिसका इलाज बिलासपुर के अपोलो अस्पताल में ICU में भर्ती हैं, कुछ का ईलाज जिला अस्पताल व कुछ को रायपुर रेफर किया गया हैं।

23 साल के इतिहास ऐसी घटना, प्रशासन की चूक पर सरकार नाराज, जल्द हटाए जा सकते हैं कलेक्टर-एसपी

23 साल के इतिहास में पहली बार छत्तीसगढ़ के किसी जिले में कलेक्टर-एसपी कार्यालय को उग्र भीड़ ने जलाकर फूंक डाला. प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा. उग्र भीड़ सब कुछ तहस-नहस करती रही. हालात बेकाबू होते देर नहीं लगी. कलेक्टर-एसपी कार्यालय में खड़ी गाड़ियों पर भी भीड़ कहर बनकर टूटी. सैकड़ों गाड़ियां जलाकर खाक कर दी गई. नाराज सतनामी समाज की उग्र भीड़ ने जमकर पत्थर बरसाए. इस घटना में दर्जन भर से ज्यादा लोग चोटिल हो गए हैं.

15 मई की रात सतनामी समाज के सबसे बड़े तीर्थ स्थल कहे जाने वाले गिरौदपुरी धाम के करीब मानाकोनी बस्ती की बाघिन गुफा में लगे धार्मिक प्रतीक चिन्ह जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना इस अंजाम तक पहुंचेगी, इसकी कल्पना भी प्रशासन ने नहीं की थी. जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने की घटना के बाद पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था. समाज ने कहा कि जेल भेजे गए लोग असली आरोपी नहीं है. समाज ने सीबीआई जांच की मांग को लेकर प्रदर्शन तेज कर दिया था. इतनी बड़ी घटना के बाद अब सरकार इसके पीछे की वजह तलाश रही है, मगर सवाल उठ रहा है कि एक समाजिक आंदोलन आखिर कैसे हिंसक आदोलन में तब्दील हो गया? इस हिंसक आंदोलन को किसने हवा दी?

जैतखाम को क्षतिग्रस्त किए जाने के बाद से अब तक आक्रोशित समाज के भीतर चल रही हलचल को आंकने की चूक आखिर प्रशासन ने कैसे कर दी? हिंसक आंदोलन के बाद अब सवाल कलेक्टर-एसपी की भूमिका पर भी उठाए जा रहे हैं. उच्च पदस्थ सूत्रों की माने तो सरकार कलेक्टर-एसपी को लेकर जल्द ही कोई बड़ा फैसला ले सकती है.

बलौदाबाजार में 9 जून को सतनामी समाज द्वारा प्रदेश स्तरीय आंदोलन (कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक कार्यालय घेराव) के दौरान संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में खड़ी वाहनों को तोड़-फोड़ करने, आग लगाने एवं संयुक्त जिला कार्यालय भवन को आग के हवाले करने के कारण संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में कार्यरत अधिकारियों-कर्मचारियों सहित जिला मुख्यालय बलौदाबाजार के निवासियों में भय का वातावरण उत्पन्न हो गया है। घटना को देखते हुए जिले के असामाजिक तत्वों के द्वारा भय एवं आतंक का वातावरण निर्मित कर जिले में शांति व्यवस्था की स्थिति में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं। इन कारणों के आधार पर नगरपालिका बलौदाबाजार सीमा क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाये रखने हेतु तत्काल कार्यवाही करना आवश्यक है, ताकि जिला मुख्यालय बलौदाबाजार के रहवासी भयमुक्त वातावरण में निर्भय होकर निवास कर सके।

अतः उपरोक्त परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी बलौदाबाजार-भाटापारा के.एल. चौहान ने दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 144 (1) एवं (2) के तहत प्रदत्त अधिकारों का प्रयोग करते हुए नगरपालिका बलौदाबाजार सीमा क्षेत्र में आगामी आदेश तक रैली या जुलूस पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा।अन्य जिले अथवा बाहरी व्यक्तियों का 5 या उससे अधिक व्यक्तियों के समूह का नगरपालिका बलौदाबाजार सीमा क्षेत्र में प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।

कोई भी व्यक्ति न तो किसी प्रकार का शस्त्र तलवार, फरसा, भाला, लाठी, चाकू, छुरा, कुल्हाड़ी, गुप्ती, त्रिशुल, खुकरी, सांग एवं बल्लम अथवा अन्य अस्त्र-शस्त्र लेकर सार्वजनिक स्थान पर नहीं निकलेगा। जो व्यक्ति शासकीय कर्तव्य पर है, ड्यूटी के दौरान अस्त्र-शस्त्र धारण कर सकेंगे। ऐसे वृद्ध / दिव्यांग जो लाठी के बिना चलने में असमर्थ है, वे लाठी का प्रयोग कर सकेंगे। चूंकि यह संकटकालीन तथा आपातकालीन स्थिति एकाएक उत्पन्न हुई है और किसी पक्ष या व्यक्ति को सुनवाई का अवसर देना संभव नहीं है। यह आदेश सर्व साधारण को संबोधित है एवं प्रत्येक जनसाधारण पर तामिल किया जाना संभव नहीं है। अतः यह आदेश दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 के अंतर्गत धारा 144 (2) के अंतर्गत समयाभाव के कारण सार्वजनिक हित को दृष्टिगत रखते हुए,एकतरफा कार्यवाही कर पारित किया जाता है। उक्त आदेश दिनांक 10.06.2024 को रात्रि 9.00 बजे से दिनांक 16.06.2024 को मध्यरात्रि 12.00 बजे तक नगरपालिका सीमा क्षेत्र बलौदाबाजार में प्रभावशील होगा….

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