



डेस्क खबर बिलासपुर../ बेलतरा विधायक सहित कांग्रेसी नेताओं की नाराजगी और खोले गए मोर्चे के बाद भी लोगों की जिंदगी बचाने वाले अपोलो अस्पताल पर आसपास के रहवासियों की सेहत से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहा है। अस्पताल से लगे लिंगियाडीह में मंगलवार रात खुले में मेडिकल कचरा जलाने की घोर लापरवाही सामने आई है ।रहवासियों का आरोप है कि धुएं से लोगों का दम घुटने लगा और खांसी से परेशानी बढ़ गई। नाराज लोगों ने अस्पताल के मुख्य द्वार पर पहुंचकर विरोध जताया।
वार्ड पार्षद दिलीप पाटिल का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। कई बार शिकायत के बाद भी समस्या दोबारा सामने आ रही है और लगातार आरोपी के बाद भी अपोलो प्रबंधन घोर लापरवाही के साथ आसपास के लोगों की जान से खिलवाड़ करने से बाज नहीं आ रहा है क्षेत्र के लोगो ने अब अपोलो अस्पताल के खिलाफ आरपार की लड़ाई लडऩे का मन बना लिया है और जल्द ही बड़े स्तर पर अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलने की बात भी कही है ।


ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर अस्पताल प्रबंधन मेडिकल कचरे के सुरक्षित निपटान की व्यवस्था सुनिश्चित क्यों नहीं कर पा रहा है? रहवासियों ने कचरे में ऑपरेशन से निकले मानव अवशेष होने की आशंका भी जताई है, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। लोगों का सवाल है कि यदि खुले में मेडिकल कचरा जलाया जा रहा है, तो उससे उठने वाले धुएं और संभावित संक्रमण का खतरा कौन उठाएगा? रहवासियों ने आंदोलन की चेतावनी दी है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग और प्रदूषण नियंत्रण विभाग से तत्काल जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग और जिले में बैठे जिम्मेदार अधिकारी अपोलो अस्पताल की लगातार आ रही शिकायतों और घोर लापरवाही के बाद कब एक्शन लेते है और पूरे मामले की कब तक जांच रिपोर्ट सामने लाते है ताकि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके या अपोलो अस्पताल यू ही लापरवाही बरतता रहेगा।
