डेस्क खबर

आधार शिविर में अव्यवस्थाओं का आलम, 192 हितग्राहियों में सिर्फ 37 की समस्याओं का निराकरण

60-70 किमी दूर से पहुंचे ग्रामीण पेयजल के लिए भी तरसे, ब्लॉक स्तरीय शिविर की व्यवस्थाओं पर उठे सवाल



राहुल गुप्ता

डेस्क खबर कुसमी। ग्रामीणों की आधार संबंधी समस्याओं के निराकरण और उन्हें सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शुक्रवार को जनपद पंचायत कार्यालय में जिला प्रशासन और चिप्स के सहयोग से ब्लॉक स्तरीय आधार शिविर लगाया गया। लेकिन शिविर में बुनियादी सुविधाओं की कमी के चलते दूर-दराज से पहुंचे ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ा। शिविर में 192 हितग्राहियों का पंजीयन किया गया, लेकिन मौके पर महज 37 लोगों की समस्याओं का ही निराकरण हो सका। वहीं, शिविर में पेयजल की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को पानी के लिए भी भटकना पड़ा।



पेयजल जैसी बुनियादी सुविधा भी नहीं मिली

आधार से जुड़े काम कराने की उम्मीद लेकर विभिन्न ग्राम पंचायतों से ग्रामीण शिविर में पहुंचे थे। इनमें बुजुर्ग, महिलाएं और अन्य जरूरतमंद लोग भी शामिल थे। लोगों को उम्मीद थी कि एक ही जगह पर उनके आधार संबंधी काम पूरे हो जाएंगे, लेकिन शिविर स्थल पर पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से उन्हें अतिरिक्त परेशानी उठानी पड़ी। ऐसे आयोजनों में लोगों की सुविधा के लिए पेयजल, छाया और बैठने जैसी बुनियादी व्यवस्थाएं जरूरी हैं। इसके बावजूद इन सुविधाओं का अभाव व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े करता नजर आया।



60-70 किमी दूर से पहुंचे ग्रामीण

बलरामपुर जिले के अंतिम छोर पर स्थित चुनचुना-पुंदाग तक से ग्रामीण आधार संबंधी काम कराने के लिए करीब 60 से 70 किलोमीटर की दूरी तय कर कुसमी पहुंचे थे। लंबा सफर तय कर शिविर में आए लोगों को उम्मीद थी कि उनकी समस्याओं का समाधान आसानी से हो जाएगा। लेकिन पर्याप्त व्यवस्थाएं नहीं होने से उनकी मुश्किलें बढ़ गईं। ग्रामीणों का कहना है कि शिविर आयोजित करने के साथ ही वहां आने वाले लोगों की सुविधाओं का भी ध्यान रखा जाना चाहिए, ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े।



व्यवस्थाओं की पहले से तैयारी करने की जरूरत

ग्रामीणों ने मांग की कि भविष्य में इस तरह के शिविर आयोजित करने से पहले जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। पेयजल, छाया और बैठने की सुविधा के साथ ही लोगों के काम समय पर पूरे हों, इसके लिए भी बेहतर इंतजाम किए जाने चाहिए। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान करना है, इसलिए आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी तय करना भी जरूरी है।


नवरात्रि के कारण टैंकर पहुंचने में हुई देरी: सीईओ

इस संबंध में जनपद पंचायत कुसमी के सीईओ मुन्नालाल धुर्वे ने बताया कि जिला प्रशासन के निर्देश पर आधार शिविर आयोजित किया गया था। ब्लॉक स्तरीय शिविर होने के कारण अपेक्षा से अधिक संख्या में लोग पहुंच गए। नवरात्रि के चलते नगर पंचायत की ओर से पानी का टैंकर भेजने में देरी हुई, जिससे पेयजल व्यवस्था प्रभावित हुई।

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