डेस्क खबरबिलासपुर

बिलासपुर में चावल चोरों के हौसले बुलंद , पीडीएस चावल लोडिंग का वीडियो बनाने पर विवाद, पत्रकार को जान से मारने की धमकी.. संवाददाता ने सरकंडा थाने में की शिकायत !



डेस्क खबर बिलासपुर../ बिलासपुर में चावल चोरों के हौसले बुलंद है और सरकारी चावल को खुलेआम सरकारी दुकानों से निकाल कर खुले बाजार में खपाने के काम बेखौफ होकर दिनदहाड़े कट रहे है। सरकंडा थाना क्षेत्र में सरकारी पीडीएस चावल की कथित अवैध बिक्री की गतिविधि को कैमरे में कैद करना एक मीडियाकर्मी को भारी पड़ गया। आरोप है कि सरकारी उचित मूल्य की दुकान से चावल ऑटो में लोड किए जाने की घटना का वीडियो बनाने के बाद संबंधित दुकानदार की ओर से खबर प्रकाशित नहीं करने के बदले पत्रकार को रिश्वत देने की पेशकश की गई। पत्रकार द्वारा कथित तौर पर पैसे लेने से इनकार करने के बाद उसे जान से मारने की धमकी दी गई।मामले को लेकर दैनिक अखबार के संवाददाता ने सरकंडा पुलिस थाने में लिखित शिकायत देकर अपनी सुरक्षा की मांग की है। शिकायत में संबंधित दुकानदार के खिलाफ धमकी देने और पूरे मामले की जांच कर कार्रवाई करने की मांग की गई है।


कैमरे में कैद हुई चावल लोडिंग
शिकायत के मुताबिक मीडियाकर्मी ने उचित मूल्य की दुकान से पीडीएस चावल ऑटो में लोड किए जाने की गतिविधि अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड की थी। वीडियो सामने आने के बाद विवाद बढ़ा। आरोप है कि संबंधित पक्ष ने मामले को दबाने के लिए पहले खबर नहीं चलाने के बदले पैसे देने की पेशकश की और प्रस्ताव अस्वीकार किए जाने के बाद कथित तौर पर गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी।
अब पुलिस शिकायत के बाद इस मामले में धमकी के आरोपों की जांच अहम हो गई है। पुलिस को शिकायत में बताए गए घटनाक्रम, वीडियो और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों की जांच करनी होगी।
पीडीएस चावल को लेकर भी उठ रहे सवाल


घटना ने पीडीएस चावल के कथित दुरुपयोग को लेकर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि गरीब हितग्राहियों के लिए आवंटित चावल को दुकानों से बाहर निकालकर व्यापारियों तक पहुंचाने का खेल लंबे समय से चल रहा है। हालांकि इ
मामला नारायणी खाद्य सुरक्षा पोषण एवं उपभोक्ता सहकारी समिति मर्यादित की दुकान आईडी क्रमांक 401001141 से जुड़े रिकॉर्ड की जांच की मांग तक पहुंच गया है। मांग की जा रही है कि दुकान के स्टॉक रजिस्टर, ऑनलाइन वितरण रिकॉर्ड, उठाव की मात्रा और वास्तविक हितग्राही वितरण का मिलान कराया जाए।


फिलहाल सरकंडा पुलिस शिकायत में लगाए गए धमकी और रिश्वत की पेशकश के आरोपों की जांच में जुटी हुई है। तथा पीडीएस रिकॉर्ड का सत्यापन होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वही पूरे मामले में सरकंडा पुलिस का कहना है कि इस मामले की एंड टू एंड जांच की जाएगी और यह चावल कहां भेजा जा रहा था उन चेहरों को भी जांच के बाद बेनकाब किया जाएगा।

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